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श्री गोपाल राय

श्री गोपाल राय जी का जन्म 10 मई, 1975 को ग्राम गोबरडीह (सिपाह इब्राहिमाबाद बाजार के पास), थाना मधुबन, जिला मऊ, उत्तर प्रदेश के एक किसान परिवार में हुआ। आपने अपनी प्राथमिक शिक्षा गाँव के ही एक प्राथमिक विद्यालय से पूरी की। इनकी माध्यमिक शिक्षा किसान लघु माध्यमिक विद्यालय, मुरारपुर और हाई स्कूल, इंटरमीडिएट की शिक्षा तरुण इंटर कॉलेज कुंडा कुचाई से पूरी हुई। आपने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक किया है और लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर हैं।

सन 1992 में देश के अंदर मंदिर-मस्जिद तथा आरक्षण समर्थन और विरोध के नाम पर शुरू हुए मानवीय कत्लेआम की घटनाओं तथा देश की एकता के विखंडन के हालात ने आपके मन को इतना विचलित कर दिया कि आपने समाज व राष्ट्र की एकता के लिए काम करने का संकल्प ले लिया। इस संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए आप ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन के सक्रिय कार्यकर्ता बने संगठन के कार्यों को पूरे प्रदेश में गति देने के लिए स्नातक के पश्चात आप लखनऊ पहुंचे तथा वही लखनऊ विश्वविद्यालय से परास्नातक की शिक्षा ग्रहण की इस दौरान आप संगठन के प्रदेश महासचिव तथा राष्ट्रीय पार्षद चुने गए पूरे प्रदेश में "दंगा नहीं रोजगार चाहिए, जीने का अधिकार चाहिए" आंदोलन तेज हुआ आंदोलन के दौरान आप कई बार जेल भी गए आंदोलन के साथ आपने "छात्र संघ है छात्रों का गुंडों की जागीर नहीं" नारे के आव्हान के साथ विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष के चुनाव में भी हिस्सेदारी की।

बाद में संगठन के साथ मतभेदों के कारण आपने छात्रों के हितों की लड़ाई के लिए "भारतीय छात्र संघ" की स्थापना की और इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। विश्वविद्यालय के परिसर में लगातार छात्रों के सक्रिय प्रदर्शन की अगुवाई और भ्रष्ट, आपराधिक तत्वों के खिलाफ लगातार प्रदर्शन किया और उन्हीं आपराधिक तत्वों ने 18 जनवरी 1999 को आपको धोखे से गर्दन में गोली मार दी गोली रीड की हड्डी में आकर फस गई आप जिंदा तो बचे मगर गर्दन के नीचे का हिस्सा पूरी तरह निष्क्रिय हो गया।

लखनऊ मेडिकल कॉलेज में लंबे समय तक उपचार और अपनी इच्छा शक्ति के बल पर आखिरकार आपके स्वास्थ्य में कुछ सुधार हुआ। अपनी इच्छा शक्ति के बल पर एक बार फिर आपने युवाओं की भागीदारी और उनके साथ न्याय को सुनिश्चित करने के लिए 2002 में "युवा भारत" संगठन के साथ खुद को जोड़कर देश भर में युवा आंदोलन को फैलाने के अपने प्रयासों को जारी रखा।

आपने लाल किला के 'दीवान -ए- आम ' से शहीदे आजम भगत सिंह के भांजे प्रोफ़ेसर जगमोहन सिंह जी व् सहयोगियों के साथ 31 मई 2007 को "तीसरा स्वाधीनता आंदोलन" की शुरुआत की और इसे आवाज़ देने के लिए हिंदी मासिक पत्रिका "तीसरी स्वाधीनता स्वर" की शुरुआत की। 9 अगस्त 2009 से 23 अगस्त, 2009 तक "तीसरा स्वाधीनता आंदोलन" के बैनर तले संसद भवन के पास जंतर मंतर पर 15 दिनों के उपवास पर भी गए। आपने "शहीदों का सम्मान, भ्रष्टाचार पर लगाम" नारे के साथ 15 राज्यों की यात्रा की।

5 अप्रैल, 2011 से शुरू हुए भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिए जन लोकपाल आंदोलन में श्री अन्ना हजारे जी के साथ अनशन किया। 16 अगस्त को 2011 मे श्री अन्ना हज़ारे जी के नेत्तृव में रामलीला मैदान में हुए ऐतिहासिक आंदोलन मे अहम् भूमिका निभाई |भ्रष्टाचार के खिलाफ आन्दोलन मे श्री अरविन्द केजरीवाल जी व् श्री मनीष सिसोदिया जी के साथ जंतर-मंतर पर अपनी दृढ इच्छा शक्ति के बल पर 25 जुलाई, 2012 से 10 दिन के लम्बे उपवास पर बैठे। "आम आदमी पार्टी" के संस्थापक सदस्य, PAC के मेंबर एवं कई राज्यों के प्रभारी है। 2015 में आप "बाबरपुर विधानसभा" क्षेत्र से "आम आदमी पार्टी" के विधायक व् सरकार में कैबिनेट मंत्री बने, दूसरी बार भी 2020 में बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए| वर्तमान में मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल जी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार मे कैबिनेट मंत्री हैं।

श्री गोपाल राय जी ने सामाजिक व् राजनितिक कार्यों के साथ-साथ देश के छात्रों व् युवाओं के अंदर देशभक्ति व् सकारात्मक राष्ट्रवाद की चेतना जागृत करने के लिए 10 फरवरी, 2018 को कंस्टीटूशन क्लब, दिल्ली में “देश की बात फाउंडेशन” की स्थापना की जिसके माध्यम से निरंतर युवाओं को जागृत एवं प्रशिक्षित करने का काम जारी हैं।

Shri Gopal Rai Ji born in a farmer family on 10 May, 1975 in village Gobardih (Near Sipah Ibrahimbad bazaar), Police Station Madhuban, District Mau, Uttar Pradesh. He completed his primary education in primary school of his village Gobadih. His Secondary education was from Kisan Laghu Secondary School, Murarpur and Intermediate education from Tarun Inter College, Kunda Kuchai. He gained his graduation degree from Allahabad University and attained his Master’s Degree from Lucknow University.

In the Year 1992 whole nation was under severe crisis due to riots of Mandir Masjid and protests for and against reservation policy. These riots which forced our nation on the verge of division affected Gopal Rai so deeply that he pledged to dedicate rest of his life to work for welfare of the society and unity of the nation.

After completing his graduation, to carry his resolution of working for the nation forward he became an active cadre of All India Students Association (AISA) and to carry forward the work of the organization to all parts of India he reached Lucknow. He started completing his master’s from Lucknow University and during the same time became State General Secretary and National Councilor of the organization. Gopal Rai had to go to jail several times for his participation in the movement ‘Danga Nahi Rozgaar Chahiye, Jeene Ka Adhikaar Chahiye’ which was gaining momentum around the country. With this he also participated in the University elections for the post of President with the slogan “ Chhatra Sangh hai Chhatro ka, Gundo ki Jaagir Nahi”.

Later after some disputes with AISA, to fight for the rights of students he formed “Bhartiya Chhatra Sangh” and became National President of the organization. He fought for the rights of students, actively participated in movements against corrupt students of the University and on 18 January 1999 the same criminal and corrupt elements of the University shot him on his neck. Gopal Rai survived the attack but the bullet got stuck in his spine and his body under his neck got completely paralyzed.

After prolonged treatment at Lucknow Medical College, with his strength and strong will power his health finally improved. Once again on the basis of his strong will power and determination, he continued his efforts to spread the youth movement across the country by associating yourself with the organization "Yuva Bharat" in 2002 to ensure youth participation and justice in the country.

Gopal Rai with nephew of Shaheed-E-Azam Bhagat Singh, Professor Jagmohan Singh Ji and other associates started “Teesra Swadhinta Aandolan” from ‘Diwan-E-Aam’ Lal Qila, Delhi on 31 May 2007 and to provide voice to this movement he started Hindi monthly magazine ‘Teesri Swadhinta Swar’. He sat on 15-day hunger strike from 9th August 2009 to 23rd August 2009 under the banner of ‘Teesra Swadhinta Aandolan’ at Sansad Bhawan near Jantar Mantar. He traveled across 15 states of India to spread the slogan of “Shaheedo ka Samman, Bhrashtachar par Lagaam”.

Gopal Rai sat on fast with Shri Anna Hazare on 5th April 2011 to begin the corruption free India and Jan Lokpal Aandolan. Under the leadership of Shri Anna Hazare ji, he played a major role in historical movement that began at Ramlila Maidan on 16th August 2011. On the basis of his love for the country and his strong will power, in the fight against corruption movement along with Shri Arvind Kejriwal Ji and Shri Manish Sisodia Ji sat on a 10 day long fast in Delhi which began on 25th July, 2012. He is founder member of ‘Aam Aadmi Party’, member of PAC and also appointed state-in charge across different states of India. In 2015 Delhi elections, he was chosen as MLA from Babarpur constituency and became cabinet Minister of Delhi. In 2020 he was again chosen as MLA from Babarpur constituency and is currently, under the leadership of Shri Arvind Kejriwal Ji working as Cabinet Minister in the Delhi Government.

Shri Gopal Rai ji, along with his social and political duties, formed ‘Desh Ki Baat Foundation’ on 10 February 2018 at Constitution Club of India to generate thought of patriotism and positive nationalism in students and youth across the nation. “Desh ki Baat foundation” is constantly involved in awareness and training programmes for youth across India.